पहली बार कश्मीर में G-20 बैठक,जी-20 समिट से बौखलाया पाकिस्तान
भारत ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अगले महीने G-20 पर्यटन कार्यकारी समूह की बैठक आयोजित करने पर पाकिस्तान की आपत्तियों का सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा की ये दोनों केंद्र शाषित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है, और इसी वजह से वहां बैठक आयोजित करना स्वाभाविक है | Pakistan ने अगले महीने हो रही G-20 की बैठक J & K में आयोजित करने के फैसले पे आपत्ति जताई थी और कहा की ये उनका “स्वयं की हित पूर्ति ” वाला कदम है | G-20 के वर्किंग ग्रुप की बैठक 22-24 मई को होने जा रही है | और इस आयोजन की तैयारियां Srinagar में शुरू की जा चुकी है | भारत G-20 की बैठक के वजह से बहुत उत्साहित है, लेकिन पाकिस्तान से भारत की उन्नति देखि नहीं जाती | आशंका ये भी जताई जा रही है की पाकिस्तान कुछ नापाक काम करने की कोशिश कर सकता है |
इसीलिए गुरुवार 13 अप्रैल को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने गृहमंत्रालय में ही सुरक्षा की समीक्षा को लेकर एक रिव्यु मीटिंग (Review Meeting) भी बुलाई गयी थी | इस मीटिंग में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गृह सचिव अजय भल्ला, NSA Ajit Doval,जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाघ सिंह,और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बालो के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे | पीटीआई (Press Trust Of India) के सूत्रों (Sources) ने कहा की नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में स्थिति, सीमापार से घुसपैठ की कोशिशों और अल्पसंखयक समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाने के प्रयासों पर भी बैठक में चर्चा हुई |
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बहुत ख़राब चल रही है | आईएमएफ (International Monetary Fund) से कर्ज लेने के लिए अलग-अलग देशों से मदद की गुहार लगा रहा है | पाकिस्तान ने श्रीनगर को पिछले साल G-20 के लिए स्थल के रूप में घोषित किये जाने पर आपत्ति जताई थी बाद में चीन भी इस आपत्ति में शामिल हो गया | उस समय नयी दिल्ली ने भी कहा था की घोषणा के अनुरूप G-20 का आयोजन श्रीनगर में ही होगा |
मार्च 2022 में कश्मीर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय निवेश सम्मलेन में 36 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था | राजनयिक हलकों के एक वर्ग के मुताबिक़, भारत इस बार वहां G-20 की मेज़बानी का फैसला कर Pakistan पर दबाव बढ़ाना चाहता है |