अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है, उसी तरह मथुरा में भी भव्य श्रीकृष्ण मंदिर बनें
1 min read

अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है, उसी तरह मथुरा में भी भव्य श्रीकृष्ण मंदिर बनें

बागेश्वर धाम सरकार के नाम से विख्यात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री धार्मिक यात्रा पर ब्रजधाम पहुंचे। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वृन्दावन और बरसाना के प्रमुख संतों से भेंट की है। शास्त्री ने ब्रज को शांति की भूमि बताया है। जब भी आपको अपने जीवन में खालीपन महसूस हो तो ब्रज चले आएं, यहां पर आकर भक्ति, शांति और प्रेम की अविरल धारा के साथ संतों का आशीर्वाद भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि जैसे अयोध्या में भगवान श्रीराम का दिव्य मंदिर बन रहा है, उसी तरह मथुरा में भी भव्य श्रीकृष्ण मंदिर बनना चाहिए। हिंदू राष्ट्र की मांग को सही ठहराते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “हिंदू राष्ट्र में फायदे ही फायदे हैं, घाटा कुछ नहीं है। इससे संस्कृति सुधरेगी, संस्कार बचेंगे, समान नागरिकता होगी और जातिवाद के नाम पर होने वाली राजनीति पर रोक लगेगी।”

धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ‘यह अभियान तो बहुत पहले शुरू होना चाहिए था, बस देर से शुरू हुआ, यह दुर्भाग्य है। सनातनी हिंदू अब जग रहे हैं, एकत्रित हो रहे हैं। जैसे अयोध्या में श्री रामलला का बहुत भव्य और दिव्य मंदिर बन रहा है। वैसे ही इस अभियान के साथ मथुरा में भी भव्य और दिव्य मंदिर बनेगा। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ‘हिंदू राष्ट्र में फायदे ही फायदे हैं, घाटा तो कुछ भी नहीं है। इससे हमारी संस्कृति सुधरेगी, संस्कार सुधरेंगे और समान नागरिकता होगी। जातिवाद के नाम पर जो राजनीति बार-बार की जाती है और आपस में गृह युद्ध की जो स्थिति बन जाती है, उस पर हमेशा के लिए विराम लग जाएगा। हमारा भारत विश्व गुरु तभी बनेगा, जब तक भारत में हमारे वेद शास्त्र की परंपरा की शिक्षा पद्धति लागू होगी। उन्होंने कहा हमारे हिंदू राष्ट्र में हमारा हिन्दुस्थान ही हिंदू राष्ट्र नहीं कहलाएगा तो क्या कहलायेगा।

उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र के अनेक फायदे हैं। ऐसे मान के चलो की मणि आ जाने पर कोई पूछे कि घाटा क्या है? ऐसे ही लोग कह रहे हैं हिंदू राष्ट्र बनने से घाटा क्या है, तो जिस प्रकार मणि के आ जाने से सब कुछ फायदा ही फायदा है, वैसे ही हिन्दुस्थान को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाता है तो तो सर्वत्र फायदे ही फायदे हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि ‘हमारा ब्रज से खूब प्रेम है, खूब स्नेह है। ब्रज के संतों का ब्रजवासियों का बड़ा आशीर्वाद है। जब भी हमें लगे कि हमारे जीवन में खालीपन आ रहा है तो उसे ब्रज दौड़े चले आना चाहिए, इसी भाव से हम श्रीधाम वृंदावन पहुंचे हैं। मैं बरसाने गया, श्री विनोद बाबा महाराज के दर्शन किए। इसके साथ प्रियाकांत जू मंदिर, सुदामा कुटी गया और यमुना महारानी को भी प्रणाम किया। इसके साथ ही अनेक महापुरुषों को प्रणाम किया।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *