बाहुबली मुख्तार अंसारी पर बड़ा फैसला, गाजीपुर कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
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बाहुबली मुख्तार अंसारी पर बड़ा फैसला, गाजीपुर कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

बांदा जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी पर आज गाजीपुर की एमएपी/एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को 10 साल कैद और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मामले में अभियुक्त मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी पर थोड़ी देर में फैसला आएगा। अफजाल बसपा से सांसद हैं।
बता दें कि अपर सत्र न्यायाधीश दुर्गेश कुमार की अदालत में एक अप्रैल को बहस पूरी हो गई थी। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। पहले इस मामले में 15 अप्रैल को फैसला आना था, लेकिन बाद में इसके लिए आज की तारीख निर्धारित की गई थी। अगर कोर्ट मामले में अफजाल को दो साल से अधिक की सजा सुनाती है तो उनकी सांसदी जा सकती है। बता दें कि मुख्तार पहले से ही जेल में बंद है।

क्या है पूरा मामला
2007 में कृष्णानंद राय हत्याकांड और 1996 में चंदौली जिले के चंदासी के कोयला व्यवसायी नंदकिशोर रूंगटा अपहरण हत्या मामले में मोहम्दाबाद पुलिस ने गैंग चार्ट बनाया था। आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने साल 1996 में चंदासी कोयला मंडी के कोयला व्यापारी नंदकिशोर रूंगटा का अपने गुर्गे अताउर्ररहमान उर्फ बाबू उर्फ सिकंदर से अपहरण कराया था। अपहरण के बाद कारोबारी से 3 करोड़ रुपये की की फिरौती मांगी गयी थी। बाद में कोयला व्यापारी की हत्या कर दी गई, लेकिन इस मामले में मुख्तार के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नही मिल सके हैं।

कौन है मुख्तार अंसारी? 
अपराध की दुनिया में मुख्तार अंसारी एक ऐसा नाम है, जिसे सुनते ही हर किसी की रूह कांप जाती है। मुख्तार के दहशत का अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि सलाखों के पीछे रहने के बावजूद भी मुख्तार का खौफ लोगों के बीच कायम है।  मुख्तार पिछले 18 सालों  से सलाखों के पीछे है। उसके खिलाफ गैंगस्टर सहित कई अन्य मामले दर्ज है। गाजीपुर, वाराणसी और मऊ सहित अन्य इलाकों में उसके खिलाफ हत्या सहित अन्य कई गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज है। 60 वर्षीय मुख्तार के खिलाफ 61 मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ सबसे ज्यादा मुकदमे गाजीपुर में ही दर्ज है।

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