कर्नाटक में BJP को बड़ा झटका, कर्नाटक के पूर्व CM जगदीश शेट्टार कांग्रेस में शामिल हुए
कर्नाटक चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को लगा एक बड़ा झटका, पूर्व मुख्यमंत्री और बेहद प्रभावशाली नेता ‘जगदीश शिवप्पा शेट्टार’ ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया और अगले ही दिन कांग्रेस में शामिल हो गए | कर्नाटका के पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार, कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता सिद्धारमैय्या, के.सी. वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला और कर्नाटका कांग्रेस अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार के मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए | जगदीश शेट्टार जी ने कहा की, अब उनके लिए सभी विकल्प खुल गए हैं, बीजेपी ने उन्हें पिछले चुनाव में टिकेक्ट नहीं दिया जिसके वजह से शेट्टार नाराज़ थे और इसीलिए उन्होंने कांग्रेस में शामिल होना सही समझा | उन्होंने कहा की एक विपक्षी नेता के तौर पर सभी हैरान हैं, पूर्व CM और पार्टी अध्यक्ष कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं| जगदीश शेट्टार “भाजपा (Bhartiya Janata Party) ने मुझे हर पद दिया है और पार्टी कार्यकर्ता के रूप में मैंने हमेशा पार्टी के विकास के लिए काम | मैंने सोचा था की एक वरिष्ठ नेता होने के नाते मुझे टिकट मिल जायेगा, लेकिन जब मुझे पता चला की मुझे टिकट नहीं मिल रहा हैं तो मैं चौंक गया | किसी ने मुझसे बात नहीं की, किसी ने मुझे आश्वासन तक नहीं दिया की आगे मुझे क्या पद मिलेगा | कांग्रेस भी शेट्टार को काफी समय से अपनी पार्टी में लाने की कोशिश में थी, जो अब अपने इस कार्य में कामयाब रही |
आपको बता दें की, शेट्टार छह बार से विधायक रह चुके हैं, और हर बार उनकी जीत का अंतर 25000 वोट से ज़्यादा ही रहा है| इन्होने कई सरकार के साथ बहुत से मंत्रालय भी संभाले हैं | बीएस येदियुरप्पा (B. S. Yediyurappa) के बाद शेट्टार “लिंगायत” समुदाय के दूसरे सबसे बड़े नेता माने जाते हैं | कर्नाटक में लिंगायत वोटर्स की आबादी 17 फीसदी है | ऐसा भी कहा जाता है की कर्नाटक में लिंगायत वोटर्स किसी का भी खेल बना सकते हैं और बिगड़ भी सकते हैं | यही असली वजह है अब कर्नाटक के सियासी घमासान का | कर्नाटकाकी राजनीती में शेट्टार का बहुत बड़ा कद है, यहाँ की जनता में उनका बहुत सम्मान और प्यार रहा है हमेशा से और अब भी है, बल्कि यूँ कहे की अब और ज़्यादा है | शेट्टार 2018 के विधानसभा चुनाव में धारवाड़ जिले के हुबली धारवाड़ मध्य सीट से जीते थे | 2012-13 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री भी रहे | कहा जाता है की शेट्टार का कित्तूर कर्नाटक (मुंबई कर्नाटक) इलाके की 25 से अधिक विधानसभा सीटों पर प्रभाव है | 20 अगस्त 2019 को राज्य की भाजपा सर्कार में उन्हें माध्यम उद्योग के कैबिनेट मंत्री का पद भी मिला था |
कर्नाटक में अगले ही महीने 10 मई को विधानसभा चुनाव होने वाली है | इसी चुनाव को मद्देनज़र रखते हुए कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गाँधी राज्य के दो दिवसीय दौड़े पर निकले हैं | और अपने रैलियों में – भाषणों में भाजपा (BJP) और आरएसएस (RSS) पर निशाना शाध रहे हैं, इसी भाषण के दौरान राहुल गाँधी ने यह भी कहा की “आज पुरे देश में भाजपा और संघ (RSS) के लोग लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं | भाजपा और संघ वाले नफरत और हिंसा फैला रहे हैं “| 17 अप्रैल (सोमवार) को राहुल गाँधी अपने एक भाषण के दौरान गरज उठे प्रधानमंत्री मोदी जी पर और उन्हें झूठा करार कर दिया, और कहा की “40 फीसदी कमीशन लेने वालो को 40 सीट देना “| राहुल गांघी ने अपने समर्थकों को ये दिलासा भी दिलाया है की आने वाले चुनाव में जो भी जीतेगा वो अगले ही दिन से अपने सरे वादे पुरे करेगा | हालाँकि, उन्होंने ये नहीं बताया की उनकी पार्टी से मुख्यमंत्री का उम्मीदवार कौन होगा | ये जानना बहुत ही दिचस्प होगा की कर्नाटक कांग्रेस के दो दिग्गज नेता डी.के. शिवकुमार और सिद्धारमैय्या में से कौन बनता है मुख्यमंत्री के लिए उम्मीदवार |
दूसरी ओर अरविन्द केजरीवाल की पार्टी AAP (आम आदमी पार्टी) को हाल ही में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला है, जिसके बाद से मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके समर्थक कर्णाटक चुनाव में खाता खोलने की उम्मीद कर रहे हैं | कर्नाटक विधानसभा के कुल 224 निर्वाचन क्षेत्रों में से पार्टी लगभग 200 उम्मीदवारों को मैदान में उतरने की योजना बना रही है | आम आदमी पार्टी ने अब तक करीब 168 प्रत्याशियों की एक सूचि जारी कर दी है | वहीं BJP ने 189 उम्मीदवारों का नाम जारी किया है | जहाँ 2018 में AAP ने कर्नाटक में सिर्फ 28 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, लेकिन अपना छाप छोड़ने में असफल रही | उस साल AAP ने केवल 0.06% वोट शेयर हासिल कर पायी थी | मुख्यमंत्री केजरीवाल जी ने अपने एक भाषण के दौरान जनता को सम्बोधित करते हुए यह वादा भी किया की “इस बार AAP की सरकार 15 सीटों पर कांटे की टक्कर देगी”, साथ ही साथ उन्होंने ये भी कहा की “कर्नाटका के पिछले चुनाव में उनके कई उम्मीदवारों के ज़मानत भी जब्त क्र लिए गए थे” | लेकिन केजरीवाल जी का कहना है की इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा, वो और उनकी पार्टी पूरी तैयारी कर चुकें हैं |
अब देखना ये है की किस पार्टी में कितना दम है? जीत चाहे जिसकी भी हो, क्या आपको लगता है की जनता को किये गए वादे पुरे होंगे या ये सब महज़ एक जुमला है हमेशा की तरह? आप हमें अपनी राय ज़रूर बताइयेगा |
रिपोर्ट – सिध्दांत शेखर