पान वाले की बेटी बनीं एसडीएम,यूपीपीसीएस 2022 में 21वां स्थान हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन
कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों…! इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है कि गोडा की रहने वाली ज्योति चौरसिया ने। ज्योति ने 6वीं प्रयास में यूपीपीसीएस में सफलता प्राप्त किया ।
अगर आप में कुछ कर गुजरने का सपना हो तो कोई भी बाधा आप की सफलता में आड़े नहीं आ सकती है उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पान विक्रेता की बेटी ने 21वीं रैंक हासिल की है । ज्योति चौरसिया को यूपी के गोंडा में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है । उनकी सफलता से पूरा परिवार उत्साहित है ज्योति जब गोडा आई तो बेटी का स्वागत ढोल नगाडें से हुआ, ज्योति को गोंडा के जिलाधिकारी डाँ रोशन जैकब से प्रेरणा मिली।
ज्योति की सफलता के पीछे परिवार की भूमिका-
ज्योति ने गोंडा में ग्रेजुशन किया व लखनऊ में UPPCS की तैयारी शुरु की । वह 2015 से यूपीपीसीएस का टेस्ट दे रही थी, लेकिन प्री भी नहीं निकाल पाती थी, परिजनों ने हौसले बढाया और उसने हार नही मानी । मूल रुप से देवरिया जिले के रहने वाले ज्योति के पिता हेमचंद चौरसिया ने 17 फरवरी 1997 को गोंडा में नौकरी नहीं मिलने के बाद अपने परिवार का भरण-पोषण अपने दोनों बच्चों को पढाई के लिए गोंडा ले आए ।
हेमचंद का एक बेटा है और 2 बेटियां हैं। सभी की शिक्षा गोंडा में ही हुई, बडा बेटा संदीप पढाई में काफी अच्छा था, लेकिन कई परीक्षा देने के बाद भी उसे कोई नौकरी नही मिली, तो घर की माली हालत को देखते हुए । वह भी पान की दुकान पर पापा हेमचंद के साथ बैठने लगा । ज्योति के पिता की पान भंडार की दुकान शहर के गुरु नानक चौराहे के पास है । बेटी की सफलता से हेमचंद काफी खुश हैं ,उनका कहना है कि अगर किसी में प्रतिभा हो तो उसे एक दिन सफलता जरुर मिलती है।