मोदी सरनेम मानहानि मामले में राहुल गांधी के सजा पर रोक वाली याचिका खारिज
1 min read

मोदी सरनेम मानहानि मामले में राहुल गांधी के सजा पर रोक वाली याचिका खारिज

मोदी सरनेम मानहानि मामले में आज यानी गुरुवार को सूरत की सेशंस कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत के फैसले के बाद अब राहुल के पास हाईकोर्ट जाने का विकल्प बचा है. वहीं, खबर है कि राहुल कल यानी शुक्रवार को हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल करेंगे. बता दें,
मानहानि केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत सेशंस कोर्ट से राहत नहीं मिली है। मोदी सरनेम मामले में 23 मार्च को निचली अदालत से मिली 2 साल की सजा के खिलाफ राहुल गांधी की ओर से याचिका दायर की गई थी। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी की ओर से अब गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
वायनाड से पूर्व सांसद राहुल गांधी ने 23 मार्च को निचली अदालत की ओर से मिली सजा पर रोक लगाने की मांग को लेकर 3 अप्रैल को सेशंस कोर्ट में अपील की थी। राहुल की याचिका पर 13 अप्रैल को सुनवाई हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने फैसले को 20 अप्रैल यानी आज तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से दी गई थी ये दलील
13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से दलील दी गई थी कि निचली कोर्ट से मिली सजा काफी ज्यादा है। इस दौरान शिकायतकर्ता के वकील ने भी अपनी दलीलें रखी थी जिसके बाद एडीजे रॉबिन पॉल मोगेराने फैसले को सुरक्षित रख लिया था।
बता दें कि सूरत की सीजेएम कोर्ट ने मोदी सरनेम मानहानि केस में 23 मार्च को राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी। 24 मार्च को राहुल गांधी की सांसदी खत्म हो गई थी। हाल ही में उन्हें सांसद के तौर पर मिला तुगलक लेन का बंगला भी खाली करने को कहा गया था जिसकी मियाद दो दिन बाद खत्म हो रही है।

लोकसभा चुनाव 2019 में दिया था बयान
2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में राहुल गांधी ने एक सभा की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि- ‘इन सब चोरों के नाम मोदी-मोदी-मोदी कैसे हैं’? उनका इशारा नीरव और ललित मोदी पर था, लेकिन इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया।
गुजरात से बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी इस मामले को लेकर सूरत कोर्ट चले गए और वहां पर उन्होंने आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया। जिस पर राहुल गांधी को दो साल की सजा हुई।

चली गई लोकसभा सदस्यता
हालांकि 2 साल की सजा होने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता भी चली गई है. सांसदी जाने के बाद राहुल को अपना सरकारी बंगला भी खाली करने का आदेश मिल चुका है. उन्हें 23 अप्रैल तक सरकारी बंगला खाली करना होगा. उधर राहुल ने अपना ज्यादातर सामान अपनी मां और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के बंगले में शिफ्ट कर दिया है. बता दें कि वह 2019 के लोकसभा चुनाव में केरल के वायनाड से सांसद बने थे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *