अलौकिक महाकाल लोक में लगीं महादेव की मूर्तियों पर  क्यूआर कोड को स्कैन करके जानेगें रोचक जानकारी…
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अलौकिक महाकाल लोक में लगीं महादेव की मूर्तियों पर क्यूआर कोड को स्कैन करके जानेगें रोचक जानकारी…

देवो के देव महादेव की नगरी उज्जैन में बने महाकाल लोक की खूबसूरती में एक और चांद लग गया है. यहां लगी मूर्तियों में क्यूआर कोड लगा दिया गया है. शिवभक्त इस क्यूआर कोड को स्कैन कर मूर्तियों के बारे में पूरी रोचक जानकारी हासिल कर सकते हैं।
बाबा महाकाल के भक्तों के लिए एक सुखद खबर है. महाकाल लोक में लगीं भगवान शिव की मूर्तियों को क्यूआर कोड से जोडा गया है. अब बडी बडी मूर्तियों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके उससे संबंधित पूरी जानकारी एक क्लिक पर मोबाइल फोन पर पा सकेगें. मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल महाकाल लोक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में 11 अक्टूबर को लोकार्पण किया था

श्रद्धा भक्ति व आध्यात्म से युक्त इस महाकाल महालोक में भगवान भोलेनाथ के कुल 52 म्यूरल, 80 स्कल्पचर और करीब 200 मूर्तियां हैं. यह सभी महादेव की गाथाओं को अपने आप में समाहित किए हुए हैं. इस महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद भगवान महाकाल की नगरी में बाहर से आने वाले लोगों की सख्या बढी है. इस दिव्य अलौकिक महाकाल लोक को देखने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. और लोग इस खूबसूरत पल को आपने मोबाइल में कैद कर लेना चाहते हैं।
महाकाल लोक में भक्तों की बात करे तो छुट्टियों के समय में लगभग 2 लाख लोग बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचने लगे हैं. श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति और स्मार्ट कंपनी मिलकर महाकाल लोक को सवांरने में जुटी है. ऐसी व्यवस्था किए जा रहे हैं कि महाकाल लोक आने वाले महाकाम भक्तों को पूरी संतुष्टि मिल सके।

महाकाल लोक में श्रद्धालुओं के लिए वैसे तो कई सुविधाएं हैं, लेकिन दिव्यांगजनों और वृद्धजनों के लिए विशेष रूप से ई कोर्ट की सुविधा महाकाल लोक की शुरूआत के साथ ही उपयोग में लागू कर दिया गया. लोकार्पण के समय स्मार्ट कंपनी ने प्रत्येक मूर्ति के सामने क्यूआर कोड लगाने की योजना थी. जो अब इसे पूरा कर लिया गया है. कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक अब भगवान शिव की प्रतिमाएं क्यूआर कोड स्कैन करते ही आपको मूर्तियां से जुड़ी जानकारी देंगी.

श्रद्धालुओं की मदद के लिए मोबाइल ऐप ‘उमा

महाकाल लोक में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों में मूर्तियां हैं. इनमें शिव पार्वती विवाह के अलावा अन्य प्रसंगों को मूर्ति के रूप में दर्शाया गया है. इन्हें देखने भर से एहसास होता है कि भगवान शिव खुद सामने विराजमान हैं. महाकाल लोक का अपना मोबाइल ऐप ‘उमा’ भी है. कहा जाता है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को पहले उमा ऐप डाउनलोड करना होता है. इसके बाद ही इससे क्यूआर कोड को स्कैन किया जा सकता है.

आएयें जानते है श्रद्धालुओं के अनुभव

अभी हाँल में महाकाल लोक घूमाने गए अमेठी के जितेन्द्र और रोहित से रिपोर्टर जी की टीम ने उनका अनुभव जाना जितेंद्र का कहना है कि महाकाल लोक में बनी मूर्तियों अपने आप में बेहद खूबसूरत हैं. लेकिन जब इन मूर्तियों के ऊपर दूधिया रोशनी पड़ती है तो इनकी आभा और निखर कर आती है. स्थिति ऐसी बन जाती है कि आप इन मूर्तियों को निहारते ही जाते हैं, लेकिन आपका मन नहीं भरता.

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