यूट्यूबर मनीष कश्यप कि रिमांड सुप्रीम कोर्ट ने फिर 15 दिन बढ़ाई
बिहार के यूटुबर मनीष कश्यप पर एक फर्जी (Fake) विडियो वायरल करने का जनता में अफ़वाह और भय फैलाने का आरोप लगा है। मनीष पेशे से पत्रकार हैं और उनके यूट्यूब चैनल पर 6.5 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
वीडियो में कथित तौर पर बिहारियों की पीटाई हो रही थी और पिटने वाले तमिलनाडु के लोकल्स थे। फर्जी (Fake) वीडियो वायरल के मामले में यूट्यूबर मनीष कश्यप को तमिलनाडु की पुलिस ने बिहार से ट्रांजिट रिमांड पर ले गई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, “बिहार और तमिलनाडु में यूट्यूबर मनीष के खिलाफ जितने भी मामले दर्ज हैं उन्हें एक साथ क्लब करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। कहा गया है कि एक ही जगह बिहार में सारे केस को ट्रांसफर कर दिया जाए”। इसी पर आज सुनवाई है।
मनीष के याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में पहले 11 अप्रैल को सुनवाई होनी थी जो किसी कारणवश नही हुई, और अब 19 अप्रैल को फिर मदुरई कोर्ट ने मनीष को 15 दिन के रिमांड पर भेज दिया। इसके पहले मनीष को 5 अप्रैल से 19 अप्रैल तक के लिए रिमांड दिया में रखा गया था। जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस संजय करोल ने केंद्र, तमिलनाडु और बिहार सरकार को नोटिस भी जारी किया है। इस नोटिस में मनीष की याचिका पर एक हफ्ते के अंदर जवाब मांगा था। और इस नोटिस के मुताबिक आज यानी 21 अप्रैल शुक्रवार को सुनवाई होनी है।
आपको बता दें कि, मनीष को NSA (National Security Act) के तहत गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, इसके पहले सुप्रीम कोर्ट में मनीष का पक्ष रखने वाले एपी सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि मनीष पर लगा NSA जल्द ही हटा दिया जाएगा और इस केस से उन्हें राहत भी मिल जायेगी। देखना यह है कि क्या यूट्यूबर मनीष कश्यप को आज राहत मिलेगी या नहीं.
Report by Sidhant Shekhar