ना घर मिला ना पैसा…सुपरटेक बिल्डर की “दादागिरी
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ना घर मिला ना पैसा…सुपरटेक बिल्डर की “दादागिरी

हाथों में तख्तियां चेहरे पर लाचारी दरअसल सालों पहले कुछ लोग अपने सपनों का आशियाना बनाने का सोचा था उन्होंने सुपरटेक बिल्डर को अपने जीवन की सारी कमाई सौंप दी थी लेकिन सुपरटेक ने प्रशासन और सिस्टम से मिलकर उनके पूरे सपनों को रौंद नहीं पूरी तरीके से कुचल भी दिया है अब वह अपने परिवार के साथ जिस घर में रहना चाहते थे अब शायद उनका सपना सपना ही रह जाएगा अपना दर्द लेकर वा कभी पुलिस थाने कभी रेरा ऑफिस, कभी सड़क पर धरना करते हुए नजर आ रहे हैं, अब कोर्ट का भी रास्ता आजमा चुके हैं

तय समय पर पूरा नहीं हुए सेक्टर-78 स्थित सुपरटेक बसेरा प्रोजेक्ट, सुपरटेक में फ्लैट खरीदने वालों को तो एक घर चाहिए था, लेकिन खरीदारों को अब तक उनके सपनों का घर नहीं मिल सका, खरीदारों ने रेरा से लेकर कोर्ट तक शिकायत कर दी किन्तु अब तक उम्मीद की किरण नही दिख रही है।
परेशानी ये है कि हर रास्ते में कोई न कोई अड़चन है। ऐसे में खरीदारों समझ नहीं पा रहे हैं कि कौन सा रास्ता बेहतर होगा. और इससे खरीदारों की उलझन बढ़ गई है। अब खरीदार पुलिस स्टेशन, रेरा आफिस के चक्कर कट कर थक गये है अब अपने सपनों के घर के लिए सडक पर उतार गये है, आइए सुनाते हैं इनकी दर्द की कहानी उनकी जुबानी.

सुपरटेक का गुरूग्राम का ही मामला नहीं है देश के कई शहरो में ऐसी परेशानी है हर इंसान का सपना होता है कि उनका खुद का घर हो इसलिए अपने जीवन की सारी कमाई लगा देते है
बड़े शहरों में गगनचुंबी इमारतों का चलन आम होता जा रहा है। जगह की कमी और जमीन खरीदकर घर बनवाने की तुलना में सस्ता पड़ने की वजह से अपार्टमेंट और फ्लैट की मांग बढ़ती ही जा रही है। बड़े शहरों के ऐसी गगनचुंबी इमारतों में अपना अपार्टमेंट होना ज्यादातर लोगों का सपना हो गया है। ऐसे में लोग अपने जीवन की सारी जमा पूंजी लगा रहे हैं। लेकिन कभी-कभी लोगों के जीवन भर की बचत सुपरटेक जैसे प्रोजेक्ट की वजह से बर्बाद हो जाती है।

32 साल पहले आरके अरोड़ा ने बिल्डिंग के निर्माण के लिए एक रियल एस्टेट कंपनी की स्थापना की। सुपरटेक लिमिटेड नामक इस कंपनी ने कई बड़े शहरों में प्रोजेक्ट बनाये हैं। इस कंपनी के बनाये गए प्रोजक्ट मेरठ, हरिद्वार, गाजियाबाद, गुरुग्राम, देहरादून, नोएडा और बेंगलुरु जैसे इलाकों में हैं, जिनमें से कुछ का काम अभी जारी है। इस रियल एस्टेट कंपनी ने कई होटल और विश्वविद्यालय का निर्माण भी किया हैं। कंपनी अपने निर्माणकार्यों में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का दावा करती है। किन्तु अब तक खरीदारों से किये गये किसी भी वादे पर खरे नहीं उतार पायें हैं।

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